Kavita Dedicated to Hemant

अद्भुद  विलक्षण  हेम  सा  कुंड  हो  तुम ,, 


हिमालय  सा  दिल  है  तुम्हारा ..


बड़े  खुशनसीब  तो  तुम ,,कभी  कभी सोच  भी  नहीं  सकते  क्या  गुल  खिला  दोगे.


अद्भुद  अज़ाब  बड़े  तीरंदाज़  हो  तुम , कुछ  अलग  से  पर  सबके  सरताज  हो  तुम .


जनम  दिन  की  हार्दिक  बधाइयों  के  बिच  स्वीकारो  महाशिवरात्रि  के  आशीर्वाद  को ..


बड़े  खुसनसीब  ,,खुश  मिज़ाज़  हो  तुम ...

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