BHUT BHAWAN BHUTESHWAR BHUTHNATH BHAGWAN SAMB SADASHIV 'S POETRY

आज  की  हवाओ  में  कुछ  ताजगी  नयी  है ,प्रकृति  की  लहरों  में  डम डम  डम डम डमरू बज रही है ..


कल  कल कल  कल कलरव  करती  हवाओ  में , शिव  शिव  शिव  शिव की  सुगंध  भर  रही है .


भक्तिमय ! प्रभु  तेरी  कृपा  से  हर  हर  हर  हर महादेव  की  गूँज  गुंजित हो रही  है


कल  कल कल  कल  कलरव  करती  हवाओ  में   शिव  शिव  शिव  शिव  की  सुगंध  भर रही  है.


मन  के  मधुबन  में  सुगन्धित  शांति  की  पुष्प  की  खिली  उठी  है , आज  की  हवाओ  में  कुछ  ताजगी  नयी  है .


यही  आशीर्वाद ! यही  वर  दो  प्रभु  हर  रोज  कुछ  ऐसा  करू, जिससे  तुजसे  रोज  ही  मिलु न  छूटे  कभी


तेरी  यादो  का  सहारा .


मेरे  मन  उपवन  में  हो  सिर्फ  तेरा  ही  नजारा ,तेरे सिवा कुछ भी  मुझे  और न सूझे यारा.


आज  की  हवाओ  में  कुछ  ताजगी  नयी  है ,प्रकृति  की  लहरों  में  डम डम  डम डम डमरू बज रही है ..


कल  कल कल  कल कलरव  करती  हवाओ  में , शिव  शिव  शिव  शिव की  सुगंध  भर  रही है .





            ......................................हर  हर  हर  हर  महादेव ....................................

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